Term Insurance - करना ज़रूरी है।।।
कुछ बहुत ज्यादा नामी बीमा कंपनियों ने "बीमा" शब्द को इतना भयावह बना दिया कि अब लोग किसी बीमा एजेंट के परिचय होने से और उनको अपना मोबाइल नंबर देने से भी डरने लगे हैं| क्योंकि ये सेल्स मेन इतने pushy होते हैं कि बिना जाने भी रेगुलर फॉलो अप्स के चलते बीमा खरीदना ही पड़ता है|
कारण सिर्फ एक है कि बीमा एक अति आवश्यक जीवन दायिनी होने के साथ साथ Bank FD,mutual fund
आदि की तरह निवेश का माध्यम बना कर समझाई और बेची जा रही है | परंतु अब आम लोगो को यह समझाना कठिन हो चला है कि बीमा का शुद्ध रूप कुछ और ही है|
टर्म इन्शुरेंस (TERM INSURANCE ) जिसके बारे मे अब कुछ बाते होने लगी हैं वही बीमा का शुद्ध रूप है |
इस प्रकार के बीमा में अपने आप को बीमा से सुरक्षित कराने वाला व्यक्ति एक निर्धारित समायावधि मे प्रति वर्ष एक निर्धारित राशि प्रीमियम के तौर पर चुकाता है तथा इस समयावधि में बीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में क्लैम राशि का भुगतान किया जाता है|
समझने की बात यह है की क्लैम के समय मिलने वाली रकम की गणना बीमित व्यक्ति की आय के आधार पर तय की जाती है एवं प्रति वर्ष दी जाने वाली प्रीमियम राशि बहुत nominal होती है अगर आसान और मुनाफे की भाषा मे समझे तो "कम लागत में अधिक क्लैम राशि " वाला यही एकमात्र बीमा का शुद्ध रूप है|
तो अब TV पर आने वाले उन विज्ञापनो का फायदा उठाये जो कहते है 500 रुपए प्रति माह मे 1 करोड़ का बीमा कराये|
पर 3 बातों का ध्यान रखें-
1. सैलरी स्लिप /ITR तो देनी ही पड़ेगी
2. इस बीमा से किसी भी तरह के ब्याज / रिटर्न की उम्मीद ना रखें
3.कम आयु में बीमा कराने से प्रीमियम कम देना पड़ेगा तो जल्दी करे।
